द्वादशांश को समझने की शुरुआत
द्वादशांश में हर राशि के 2 अंश 30 कला वाले बारह भाग होते हैं; उनके नाम उसी राशि से शुरू होकर राशिचक्र के क्रम में चलते हैं।
कदम 1
हर भाग के अंश निकालें
30 अंश की राशि को बारह से बाँटने पर हर भाग 2½ अंश, यानी 2°30′, का होता है। पहला भाग 0°, दूसरा 2°30′ और तीसरा 5° पर शुरू होता है। ठीक सीमा पर आया अंश अगले भाग में गिनें। 30° पर अगली राशि शुरू होती है।
कदम 2
भागों के नाम क्रम से रखें
पहले भाग का नाम उसी राशि के नाम पर होता है। मेष में क्रम मेष, वृषभ, मिथुन से शुरू होकर मीन तक जाता है। वृषभ में क्रम वृषभ से शुरू होकर मेष पर पूरा होता है। हर राशि के लिए बारह भागों की गिनती नए सिरे से शुरू करें।
कदम 3
उसका स्वामी देखें
हर भाग का स्वामी उसी नाम की राशि का स्वामी होता है। जैसे धनु नाम वाले भाग के स्वामी बृहस्पति हैं। पहले भाग का क्रमांक और नाम निकालें, फिर उस राशि का स्वामी देखें।
कदम 4
एक उदाहरण हल करें
मिथुन के 17° लीजिए। 17 ÷ 2.5 = 6.8, यानी छह भाग पूरे हो चुके हैं और बिंदु सातवें भाग में है। यह भाग 15° से शुरू होकर 17°30′ से पहले तक रहता है। गिनें: मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु। सातवाँ भाग धनु है, जिसके स्वामी बृहस्पति हैं। अब कोई दूसरा अंश चुनकर गणना दोहराएँ और शुरुआती राशि को गिनती में शामिल करें।