आज का पंचांग
आपका शहर, आपका दिन। ज़रूरी बातें, एक नज़र में।

आंटी का छोटा-सा पंचांग
आपके दिन की ज़रूरी बातें
सूर्योदय की तिथि
व्रत और पर्व · Drik Panchangसूर्योदय का नक्षत्र और चंद्र राशि
अभिजित मुहूर्त
शुभ शुरुआत के लिए माना जाने वाला मध्याह्न का समय।
राहु काल
नई शुरुआत का समय चुनते हुए परंपरागत रूप से छोड़ा जाता है।
सूर्योदय
सूर्यास्त
इन समयों का क्या अर्थ है?
तिथि चंद्र दिन है और नक्षत्र चंद्रमा के मार्ग के 27 भागों में से एक। कार्ड में स्थानीय सूर्योदय की स्थिति और उसके बदलने का समय है। आधी रात के बाद बदलाव हो तो उसकी तारीख भी दिखाई जाती है।
अभिजित और राहु काल समय चुनने की पारंपरिक मान्यताएँ हैं, किसी परिणाम की गारंटी नहीं। यहाँ अपनाई गई परंपरा में बुधवार को अभिजित शुभ नहीं माना जाता, और विवाह के लिए भी इसे नहीं चुना जाता।
गणना कैसे होती है?
चुने शहर के लिए आपके डिवाइस पर Astronomy Engine और लाहिड़ी निरयण स्थिति से गणना होती है। सूर्योदय-सूर्यास्त में सूर्य का ऊपरी किनारा, मानक वायुमंडलीय अपवर्तन और समुद्र-तल का क्षितिज लिया गया है। वास्तविक दृश्यता और अन्य पंचांग पद्धतियों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
राहु काल दिन के आठ भागों में से वार के अनुसार तय भाग है। अभिजित दिन के पंद्रह भागों में आठवाँ है। समय शहर के समय क्षेत्र और लागू डेलाइट सेविंग के अनुसार है। शहर में तारीख बदलने पर आज का कार्ड अपडेट होता है।
व्रत और पर्व की तारीखें पालन की परंपरा पर भी निर्भर करती हैं। उनकी पुष्टि के लिए शहर का कैलेंडर देखें; केवल एकादशी तिथि होने से एकादशी व्रत की तारीख तय नहीं होती।
पंचांग के शब्दों को थोड़ा और समझना चाहेंगे?
वैदिक ज्योतिष जानें →11-दिन का वैदिक ज्योतिष पाठ्यक्रम शुरू करें →