भावों की भाषा समझें
आज आप सीखेंगेभाव 1, 4, 7 और 10 को केंद्र के रूप में पहचानना, और कुछ स्रोत-आधारित पारंपरिक संबंध जानना।
स्थिति बनाम विषय
यहाँ इस्तेमाल की गई पूर्ण-राशि पद्धति में भाव संख्या बताती है कि लग्न से गिनने पर कोई राशि किस स्थान पर है। लग्न की राशि को ही 1 गिनते हैं, जैसा चौथे दिन सीखा। इसलिए 'भाव 4' का अर्थ है लग्न से गिनी गई चौथी राशि।
भाव का विषय एक अलग बात है। यह वह पारंपरिक संबंध है जिसे कोई ग्रंथ उस स्थिति से जोड़ता है। विषय कुंडली का वर्णन करने की शब्दावली हैं, किसी व्यक्ति के जीवन के तथ्य नहीं। स्थिति और विषय को अलग रखने से आप कुंडली का वर्णन पढ़ते हुए उसे भविष्यवाणी में नहीं बदलते।
भावों से जुड़े तीन विषय
बृहत् जातक के अनुवादक की टिप्पणियाँ हर भाव के विषय गिनाती हैं। यह पाठ उनमें से सिर्फ तीन लेता है। दूसरा भाव परिवार और वाणी से जुड़ा है, चौथा निवास और शिक्षा से, और दसवाँ वृत्ति से।
यहाँ अनुवाद के शब्द 'avocation' को सरल भाषा में काम या व्यवसाय कहेंगे। एक छोटी सूची बनाएँ: एक तरफ भाव संख्या और दूसरी तरफ उससे जुड़े विषय। इससे विषय देखते समय भाव की स्थिति से उसे अलग रखना आसान होगा।
- दूसरा भाव: परिवार, वाणी
- चौथा भाव: निवास, शिक्षा
- दसवाँ भाव: वृत्ति (काम)
चार केंद्र
भाव 1, 4, 7 और 10 मिलकर केंद्र नाम का समूह बनाते हैं; बृहत् जातक इन चार स्थितियों के लिए यही शब्द इस्तेमाल करता है। संख्या वाले चक्र पर ये एक-चौथाई घुमाव की दूरी पर होते हैं। 1 से शुरू करके हर बार 3 जोड़ें, तो 4, 7 और 10 मिलते हैं।
फ़िलहाल लक्ष्य केंद्रों को पहचानना है, उन्हें क्रम देना या उनसे निष्कर्ष निकालना नहीं। क्रम और भविष्यसूचक नियम आगे के अध्ययन का विषय हैं। आज का कौशल है: किसी भी दिए गए लग्न से चारों केंद्र ढूँढना।
उदाहरण से समझें
काल्पनिक मेष लग्न के केंद्र
एक काल्पनिक कुंडली में मेष लग्न है। हर केंद्र की राशि निकालिए, फिर एक वर्णनात्मक वाक्य लिखिए।
- भाव 1 लग्न राशि है: मेष।
- आगे गिनें: भाव 4 कर्क है, भाव 7 तुला है और भाव 10 मकर है।
- भविष्यवाणी के बिना वर्णन करें: 'उद्धृत परंपरा में चौथा भाव निवास और शिक्षा से जुड़ा है।'
अब आपकी बारी
खुद करके देखें
संख्या वाले चक्र पर चारों केंद्र चिह्नित कीजिए। 'निवास/शिक्षा' और 'वृत्ति/काम' को उनके भावों से मिलाइए, फिर एक वर्णनात्मक वाक्य लिखिए।
उत्तर देखें
केंद्र भाव 1, 4, 7 और 10 हैं। निवास/शिक्षा चौथे भाव से जुड़ता है, और वृत्ति/काम दसवें से। एक उपयुक्त वाक्य है: 'उद्धृत परंपरा चौथे भाव को निवास और शिक्षा से जोड़ती है।' यह परंपरा का वर्णन है, किसी परिणाम की भविष्यवाणी नहीं।
एक छोटा सवाल
किस समूह में केंद्र दिए गए हैं?
कारण समझें
केंद्र भाव 1, 4, 7 और 10 हैं, जो तीन-तीन भावों के अंतर पर हैं। बाकी दोनों समूहों में इस समूह से बाहर के भाव हैं, जैसे 5, 9, 2 और 6।
तीन बातें याद रखें
- भाव संख्या स्थिति है; भाव का विषय पारंपरिक संबंध है।
- दूसरा: परिवार और वाणी; चौथा: निवास और शिक्षा; दसवाँ: वृत्ति।
- केंद्र भाव 1, 4, 7 और 10 हैं।